सरकार ने लोकपाल बिल लोकसभा में पेश कर दिया है, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के अगुआ अन्ना हज़ारे ने इसे खारिज कर दिया है.अन्ना का कहना है कि सरकार का नया बिल बहुत ही 'कमज़ोर' है और इससे भ्रष्टाचार पर रोक थाम नहीं लगाई जा सकती.
अन्ना ने कहा कि मज़बूत और प्रभावी लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर वह देशव्यापी 27 दिसंबर से अनशन और उसके बाद 'जेल भरो' आंदोलन करेंगे.
उनका कहना था कि आगामी पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान वह लोकपाल विधेयक का विरोध करने वाली पार्टी के खिलाफ लोगों को मतदान करने के लिए कहेंगे.
ग़ौरतलब है कि काफी लंबी बहस के बाद गुरुवार को लोकपाल बिल लोकसभा में पेश किया गया.
इससे पहले टीम अन्ना ने लोकपाल बिल को 'जनविरोधी' और 'खतरनाक' करार देते हुए नया लोकपाल लाने की मांग की थी. टीम अन्ना की मांग है कि प्रस्तावित भ्रष्टाचार विरोधी संस्था को विकेन्द्रीकृत कर सीबीआई को लोकपाल के अधीन लाया जाए.
अरविंद केजरीवाल का कहना है कि अगस्त के महीने में सरकार ने जो बिल पेश किया था ताज़ा बिल उससे भी 'घटिया' है और आरोप लगाया कि सरकार व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी संस्था लाने के लिए तैयार नहीं है.